तारा महाविद्या- Tara Mahavidya


तारा महाविद्या मे दूसरे स्थान पर हैं।  यह तांत्रिकों की प्रमुख हैं । तारने वाली कहने के कारण माता को तारा भी कहा जाता है। सबसे पहले महर्षि वशिष्ठ ने