कमला महाविद्या- Kamla Mahavidya


कमला मां कमला धन सम्पदा की अधिष्ठात्री देवी हैं, भौतिक सुख की इच्छा रखने वालों के लिए इनकी आराधना सर्वश्रेष्ठ मानी जाती है। दरिद्रता, संकट, गृहकलह और अशांति को दूर



त्रिपुर सुंदरी महाविद्या- Tripur Sundari Mahavidya


त्रिपुर सुंदरी षोडशी माहेश्वरी शक्ति की विग्रह वाली शक्ति है। इनकी चार भुजा और तीन नेत्र हैं। इसे ललिता, राज राजेश्वरी और ‍त्रिपुर सुंदरी भी कहा जाता है। ललिता लाल



मातंगी महाविद्या- Matangi Mahavidya


मातंगी मतंग शिव का नाम है। शिव की यह शक्ति असुरों को मोहित करने वाली और साधकों को अभिष्ट फल देने वाली है। गृहस्थ जीवन को श्रेष्ठ बनाने के लिए



बगलामुखी महाविद्या- Baglamukhi Mahavidya


बगलामुखी माता की साधना युद्ध में विजय होने और शत्रुओं के नाश के लिए की जाती है। बगला मुखी के देश में तीन ही स्थान है। कृष्ण और अर्जुन ने



धूमावती महाविद्या- Dhoomavati Mahavidya


धूमावती धूमावती का कोई स्वामी नहीं है। इसलिए यह विधवा माता मानी गई है। इनकी साधना से जीवन में निडरता और निश्चंतता आती है। इनकी साधना या प्रार्थना से आत्मबल



छिन्नमस्ता महाविद्या- Chhinnamasta Mahavdiya


छिन्नमस्ता मां छिन्नमस्तिका की उपासना से भौतिक वैभव की प्राप्ति, वाद विवाद में विजय, शत्रुओं पर जय, सम्मोहन शक्ति के साथ-साथ अलौकिक सम्पदाएं मिलती हैं। इस पविवर्तन शील जगत का



भुवनेश्वरी महाविद्या- Bhuvneshwari Mahavidya


भुवनेश्वरी को आदिशक्ति और मूल प्रकृति भी कहा गया है। माता भुवनेश्वरी ऐश्वर्य की स्वामिनी हैं। देवी देवताओं की आराधना में इन्हें विशेष शक्ति दायक माना जाता हैं। ये समस्त



त्रिपुर भैरवी महाविद्या- Tripur Bhairavi Mahavidya


त्रिपुर भैरवी त्रिपुर भैरवी की उपासना से सभी बंधन दूर हो जाते हैं। यह बंदीछोड़ माता है। भैरवी के नाना प्रकार के भेद बताए गए हैं जो इस प्रकार हैं



तारा महाविद्या- Tara Mahavidya


तारा महाविद्या मे दूसरे स्थान पर हैं।  यह तांत्रिकों की प्रमुख हैं । तारने वाली कहने के कारण माता को तारा भी कहा जाता है। सबसे पहले महर्षि वशिष्ठ ने